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एक बार समय निकालकर सोचें, शायद पुराना समय याद आ जाए, आंखें भर आएं और *आज को जी भर जीने का मकसद मिल जाए*।

*कुछ रह तो नहीं गया ?* 3 महीने के बच्चे को दाई के पास रखकर जॉब पर जाने वाली माँ को दाई ने पूछा... "कुछ रह तो नहीं गया...? पर्स, चाबी सब ले लिया ना...?" अब वो कैसे हाँ कहे..? पैसे के पीछे भागते भागते... ...

घरवाली का महत्व- तमाम ने वांचवालायक

घरवाली का महत्व " ये करो और वो करो " पेपर भी नीचे गिरा तो, " कितना घर फैलाते हो " इसीलिए सोचा चार दिन को, जाती हो तुम मायके आराम और सुख से, अकेला रहूँगा चैन से।। ख़ुशी ख़ुशी छोड़ा उसे, ट्र...

खुश रहने के लिए हमें भी एक दूसरे की कमियो के प्रति आखे बंद कर लेनी चाहिए.. और उन कमियो को नजरन्दाज कर देना चाहिए.

एक आदमी ने एक बहुत ही खूबसूरत लड़की से शादी की। शादी के बाद दोनो की ज़िन्दगी बहुत प्यार से गुजर रही थी। वह उसे बहुत चाहता था और उसकी खूबसूरती की हमेशा तारीफ़ किया करता था। लेकिन ...

अपने बच्चों की क्षमता को परखें और जीवन में आगे बढ़ने के लिए.. प्रोत्साहित करें..हतोत्साहित नही......

पिता बेटे को डॉक्टर बनाना चाहता था। बेटा इतना मेधावी नहीं था कि PMT क्लियर कर लेता। इसलिए दलालों से MBBS की सीट खरीदने का जुगाड़ किया गया। जमीन, जायदाद जेवर गिरवी रख के 35 लाख रूपये दल...

साइंस कहता है एक गिलास दूध में अगर एक बूंद भी केरोसिन मिली हो तो पूरा का पूरा दूध ही बेकार हो जाता है !

"नया टीचर" क्लास में आते ही बच्चों को अपना लंबा चौड़ा परिचय दिया। बातों ही बातों में उसने जान लिया की लड़कियों के इस क्लास में सबसे तेज और सबसे आगे कौन सी लड़की है ? उसने खामोश सी बै...

पर हम सभी अंधे जो ठहरे, केवल मुफ्त की चीजें ही हमे दिखती हैं।

एक अँधा भीख मांगता हुआ राजा के द्वार पर पंहुचा। राजा को उस पर दया आ गयी, राजा ने प्रधानमंत्री से कहा- "यह भिक्षुक जन्मान्ध नहीं है, यह ठीक हो सकता है, इसे राजवैद्य के पास ले चलो।" ...

पर हम सभी अंधे जो ठहरे, केवल मुफ्त की चीजें ही हमे दिखती हैं।

एक अँधा भीख मांगता हुआ राजा के द्वार पर पंहुचा। राजा को उस पर दया आ गयी, राजा ने प्रधानमंत्री से कहा- "यह भिक्षुक जन्मान्ध नहीं है, यह ठीक हो सकता है, इसे राजवैद्य के पास ले चलो।" ...