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Showing posts with the label वार्ता कौटुंबिक

अब यह फैंसला हर माँ बाप को करना है कि अपना पेट काट काट कर, दुनिया की हर तकलीफ सह कर, अपना सबकुछ बेचकर,बच्चों के सुंदर भविष्य के सपने क्या इसी दिन के लिये देखते हैं?

पुत्र अमेरिका में जॉब करता है। उसके माँ बाप गाँव में रहते हैं। बुजुर्ग हैं, बीमार हैं, लाचार हैं। पुत्र कुछ सहायता करने की बजाय पिता जी को एक पत्र लिखता है। कृपया ध्यान से पढ़...

एक बार समय निकालकर सोचें, शायद पुराना समय याद आ जाए, आंखें भर आएं और *आज को जी भर जीने का मकसद मिल जाए*।

*कुछ रह तो नहीं गया ?* 3 महीने के बच्चे को दाई के पास रखकर जॉब पर जाने वाली माँ को दाई ने पूछा... "कुछ रह तो नहीं गया...? पर्स, चाबी सब ले लिया ना...?" अब वो कैसे हाँ कहे..? पैसे के पीछे भागते भागते... ...

*आज कई माँ बाप उस बंजर पेड की तरह अपने बच्चों की राह देख रहे है।*

*एक बच्चे को आम का पेड़ बहुत पसंद था।* *जब भी फुर्सत मिलती वो आम के पेड के पास पहुच जाता।* *पेड के उपर चढ़ता,आम खाता,खेलता और थक जाने पर उसी की छाया मे सो जाता।* *उस बच्चे और आम के पेड के ब...

पुरी कायनात मे सिर्फ नारी के पास ही है जो कल्पवृक्ष से कम नही है।

*बेटी...* एक बेटी ने अपने पिता से एक प्यारा सा सवाल किया कि पापा ये आंगन मे जो पेड़ है, उसे पीछे वाले बगीचे मे लगा दे तो ? पिता असमंजस मे और बोले बेटी ये चार साल पुराना पेड़ है नई जगह, नई मिट्टी मे ढल पाना मुश्किल होगा । तब बेटी ने जलभरी आंखो से पिता से सवाल किया कि एक पौधा और भी तो है आपके आंगन का जो बाईस बरस पुराना है क्या वो नई जगह पर ढल पाएगा ? पिता बेटी की बात पर सोचते हुए कहा कि यह शक्ति पुरी कायनात मे सिर्फ नारी के पास ही है जो कल्पवृक्ष से कम नही है। खुद नए माहौल मे ढलकर औरो कि सेवा करती है । ताउम्र उनके लिए जीती है । बेटी से ही मां, बहन व पत्नि है ।

दोस्तों परिवार है तो जीवन मे हर खुशी

*" संस्कार "* एक पार्क मे दो बुजुर्ग बैठे बातें कर रहे थे.... पहला :- मेरी एक पोती है, शादी के लायक है... BE किया है, नौकरी करती है, कद - 5"2 इंच है.. सुंदर है कोई लडका नजर मे हो तो बताइएगा.. दूसरा :- आपकी पोती को किस तरह का परिवार चाहिए...?? पहला :- कुछ खास नही.. बस लडका ME /M.TECH किया हो, अपना घर हो, कार हो, घर मे एसी हो, अपने बाग बगीचा हो, अच्छा job, अच्छी सैलरी, कोई लाख रू. तक हो... दूसरा :- और कुछ... पहला :- हाँ सबसे जरूरी बात.. अकेला होना चाहिए.. मां-बाप,भाई-बहन नही होने चाहिए.. वो कया है लडाई झगड़े होते है... दूसरे बुजुर्ग की आँखें भर आई फिर आँसू पोछते हुए बोला - मेरे एक दोस्त का पोता है उसके भाई-बहन नही है, मां बाप एक दुर्घटना मे चल बसे, अच्छी नौकरी है, डेढ़ लाख सैलरी है, गाड़ी है बंगला है, नौकर-चाकर है.. पहला :- तो करवाओ ना रिश्ता पक्का.. दूसरा :- मगर उस लड़के की भी यही शर्त है की लडकी के भी मां-बाप,भाई-बहन या कोई रिश्तेदार ना हो... कहते कहते उनका गला भर आया.. फिर बोले :- अगर आपका परिवार आत्महत्या कर ले तो बात बन सकती है.. आपकी पोती की शादी उससे हो जाएगी और वो बहुत...

हम कोई गलती तो नहीं कर रहे हैं.

*सोचने की बात...* पुत्र अमेरिका में जॉब करता है। उसके माँ बाप गाँव में रहते हैं। बुजुर्ग हैं, बीमार हैं, लाचार हैं। पुत्र कुछ सहायता करने की बजाय पिता जी को एक पत्र लिखता है। कृपया ध्यान से पढ़ें और विचार करें कि क्या पुत्र को यह लिखना चाहिए था ? *पुत्र का पत्र पिता के नाम* पूज्य पिताजी! आपके आशीर्वाद से आपकी भावनाओं/इच्छाओं के अनुरूप मैं अमेरिका में व्यस्त हूं। यहाँ पैसा, बंगला, साधन सब हैं, नहीं है तो केवल समय। मैं आपसे मिलना चाहता हूं, आपके पास बैठकर बातें करना चाहता हूँ । आपके दुख दर्द को बांटना चाहता हूँ परन्तु क्षेत्र की दूरी, बच्चों के अध्ययन की मजबूरी, कार्यालय का काम करना जरूरी, क्या करूँ ? कैसे कहूँ ? चाह कर भी स्वर्ग जैसी जन्म भूमि और माँ बाप के पास आ नहीं सकता। पिताजी ! मेरे पास अनेक सन्देश आते हैं - "माता-पिता सब कुछ बेचकर भी बच्चों को पढ़ाते हैं और बच्चे सबको छोड़ परदेस चले जाते हैं, नालायक पुत्र, माता-पिता के किसी काम नहीं आते हैं। " पर पिताजी... मैं कहाँ जानता था इंजीनियरिंग क्या होती है? मैं कहाँ जानता था कि पैसे की कीमत क्या होती है? मुझे कहाँ पता ...

इस दुनिया का सब से शक्तिशाली इंसान कौन है ???

बूढ़ा पिता अपने IAS बेटे के चेंबर में  जाकर उसके कंधे पर हाथ रख कर खड़ा हो गया ! और प्यार से अपने पुत्र से पूछा... "इस दुनिया का सबसे शक्तिशाली इंसान कौन है"? पुत्र ने पिता को बड़े प्यार से हंसते हुए कहा "मेरे अलावा कौन हो सकता है पिताजी "! पिता को इस जवाब की  आशा नहीं थी, उसे विश्वास था कि उसका बेटा गर्व से कहेगा पिताजी इस दुनिया के सब से शक्तिशाली इंसान आप हैैं, जिन्होंने मुझे इतना योग्य बनाया ! उनकी आँखे छलछला आई ! वो चेंबर के गेट को खोल कर बाहर निकलने लगे ! उन्होंने एक बार पीछे मुड़ कर पुनः बेटे से पूछा एक बार फिर बताओ इस दुनिया का सब से शक्तिशाली इंसान कौन है ??? पुत्र ने  इस बार कहा        "पिताजी आप हैैं, इस दुनिया के सब से शक्तिशाली इंसान "! पिता सुनकर आश्चर्यचकित हो गए उन्होंने कहा "अभी तो तुम अपने आप को इस दुनिया का सब से शक्तिशाली इंसान बता रहे थे अब तुम मुझे बता रहे हो " ??? पुत्र ने हंसते हुए उन्हें अपने सामने बिठाते  हुए कहा "पिताजी उस समय आप का हाथ मेरे कंधे पर था, जिस पुत्र के कंधे पर या सिर पर पिता का हाथ हो वो पुत्र तो दुनि...

अक्सर समस्या होती हमारे साथ है और हम ढूँढते दूसरे में है

जोक का बाप है पूरा पढ़ना एक जिम्मेदार पति डॉक्टर के पास गया और कहा कि डॉक्टर साहब मेरी बीबी बहरी हो गयी है, मैं कमरे से आवाज़ लगाते रहता हूँ पर वो सुन नहीं पाती है ..!! डॉक्टर – आप उन्हें यहाँ ले आइये ! पति : नहीं डॉक्टर साहब, मै उससे बहुत प्यार करता हूं और इस बारे में उसे कुछ भी नहीं बताना चाहता, आप कोई दवा दे दीजिये, जिसे मैं उसे बिना कुछ कहे खिला दू… डॉक्टर : ठीक है, पहले आप एक टेस्ट कीजिये … आप 40 फ़ीट दूर से पूछिये यदि वो नहीं सुन पाये तो फिर 30 फ़ीट दूर से कुछ पूछिये… फिर भी नहीं सुन पाये तो 20 फ़ीट …. फिर 10 फ़ीट… तब आप आ के मुझसे मिलियेगा, उस हिसाब से मैं उनके लिए दवाईयां प्रिस्क्राइब करूँगा..!! पति खुश हो कर रात को घर में जाता है, बीबी किचन में खाना बना रही होती है… पति 40 फ़ीट से पूछता है… डार्लिंग आज खाने में क्या बना रही हो ???? बीबी जवाब नहीं देती… 30 फ़ीट से, स्वीटी आज खाने में क्या बना है ???? कोई जवाब नही मिलता…. 20 फ़ीट से, जानू आज खाने में क्या बना है ???? नो रिस्पॉन्स… 10 फ़ीट से, डार्लिंग आज खाने में क्या है ???? फिर भी कोई जवाब नहीं तो पति एकदम से पीछे चिपक के उससे प...

प्रेरक कथा- "ये कोई साधारण पैकेट नहीं है..!"

"प्रेरक कथा" एक मित्र नेअपनी बीवी की अलमारी खोली और एक सुनहरे कलर का पेकेट निकाला, उसने कहा कि "ये कोई साधारण पैकेट नहीं है..!" उसने पैकेट खोला और उसमें रखी बेहद खूबसूरत सिल्क की साड़ी और उसके साथ की ज्वेलरी को एकटक देखने लगा। ये हमने लिया था 8-9 साल पहले, जब हम पहली बार न्युयार्क गए थे, परन्तु उसने ये कभी पहनी नहीं क्योंकि वह इसे किसी खास मौके पर पहनना चाहती थी, और इसलिए इसे बचा कर रखा था। उसने उस पैकेट को भी दूसरे और कपड़ों के साथ अपनी बीवी की अर्थी के पास रख दिया, उसकी बीवी की मृत्यु अभी अचानक ही हुई थी। उसने रोते हुए मेरी और देखा और कहा- किसी भी खास मौके के लिए कभी भी कुछ भी मत बचा के रखना, जिंदगी का हर एक दिन खास मौका है, कल का कुछ भरोसा नहीं है। मुझे लगता है, उसकी उन बातों ने मेरी जिंदगी बदल दी। मित्रों अब मैं किसी बात की ज्यादा चिंता नहीं करता, अब मैं अपने परिवार के साथ ज्यादा समय बिताता हूँ, और काम का कम टेंशन लेता हूँ। मुझे अब समझ में आ चुका है कि जिंदगी जिंदादिली से जीने का नाम है, डर-डर के, रूक-रूक के बहुत ज्यादा विचार करके चलने में समय आगे निकल जाता है, ...

भगवान की अनमोल देंन हैं ये बेटियां

_पापा देखो मेंहदी वाली_         मुझे मेंहदी लगवानी है "पाँच साल की बेटी बाज़ार में बैठी मेंहदी वाली को देखते ही मचल गयी... "कैसे लगाती हो मेंहदी "पापा नें सवाल किया... "एक हाथ के पचास दो के सौ ...? मेंहदी वाली ने जवाब दिया. पापा को मालूम नहीं था मेंहदी लगवाना इतना मँहगा हो गया है. "नहीं भई एक हाथ के बीस लो वरना हमें नहीं लगवानी." यह सुनकर बेटी नें मुँह फुला लिया. "अरे अब चलो भी ,नहीं लगवानी इतनी मँहगी मेंहदी" पापा के माथे पर लकीरें उभर आयीं . "अरे लगवाने दो ना साहब..अभी आपके घर में है तो आपसे लाड़ भी कर सकती है... कल को पराये घर चली गयी तो पता नहीं ऐसे मचल पायेगी या नहीं. तब आप भी तरसोगे बिटिया की फरमाइश पूरी करने को... मेंहदी वाली के शब्द थे तो चुभने वाले पर उन्हें सुनकर पापा को अपनी बड़ी बेटी की याद आ गयी..? जिसकी शादी उसने तीन साल पहले एक खाते -पीते पढ़े लिखे परिवार में की थी. उन्होंने पहले साल से ही उसे छोटी छोटी बातों पर सताना शुरू कर दिया था. दो साल तक वह मुट्ठी भरभर के रुपये उनके मुँह में ठूँसता रहा पर उनका पेट बढ़ता ही चला गया और अंत...

बेटी शादी के मंडप में .. या ससुराल जाने पर ....पराई नहीं लगती.

बेटी शादी के मंडप में ... या ससुराल जाने पर ..... पराई नहीं लगती. जब वह मायके आकर हाथ मुंह धोने के बाद बेसिन के पास टंगे नैपकिन के बजाय अपने बैग के छोटे से रुमाल से मुंह पौंछती है , तब वह पराई लगती है. जब वह रसोई के दरवाजे पर अपरिचित सी ठिठक जाती है , तब वह पराई लगती है. जब वह पानी के गिलास के लिए इधर उधर आँखें घुमाती है , तब वह पराई लगती है. जब वह पूछती है वाशिंग मशीन चलाऊँ क्या तब वह पराई लगती है. जब टेबल पर खाना लगने के बाद भी बर्तन खोल कर नहीं देखती तब वह पराई लगती है. जब पैसे गिनते समय अपनी नजरें चुराती है तब वह पराई लगती है. जब बात बात पर अनावश्यक ठहाके लगाकर खुश होने का नाटक करती है तब वह पराई लगती है..... और लौटते समय 'अब कब आएगी' के जवाब में 'देखो कब आना होता है' यह जवाब देती है, तब हमेशा के लिए पराई हो गई सी लगती है. लेकिन गाड़ी में बैठने के बाद जब वह चुपके से अपनी कोर सुखाने की कोशिश करती है तो वह परायापन एक झटके में बह जाता है ... Dedicate to all Girls.. नहीं चाहिए हिस्सा भइया मेरा मायका सजाए रखना राखी भैयादूज पर मेरा इंतजार बनाए रखना कुछ ना देना मुझको चाहे ब...

धागे और पतंग जैसे जुड़ाव के सफल संतुलन से मिली हुई ऊंचाई को ही ;सफल जीवन कहते हैं.!

एक बेटे ने पिता से पूछा : पापा ये 'सफल जीवन' क्या होता है ? पिता, बेटे को पतंग उड़ाने ले गए।  बेटा पिता को ध्यान से पतंग उड़ाते देख रहा था... थोड़ी देर बाद बेटा बोला ; पापा.. ये धागे की वजह से पतंग और ऊपर नहीं जा पा रही है, क्या हम इसे तोड़ दें !!  ये और ऊपर चली जाएगी... पिता ने धागा तोड़ दिया .. पतंग थोड़ा सा और ऊपर गई और उसके बाद लहरा कर नीचे आइ और दूर अनजान जगह पर जा कर गिर गई...। तब पिता ने बेटे को जीवन का दर्शन समझाया : बेटा.. 'जिंदगी में हम जिस ऊंचाई पर हैं.. हमें अक्सर लगता की कुछ चीजें, जिनसे हम बंधे हैं वे हमें और ऊपर जाने से रोक रही हैं...   जैसे :             घर,           परिवार,         अनुशासन,         माता-पिता,          गुरू आदि और हम उनसे आजाद होना चाहते हैं... वास्तव में यही वो धागे होते हैं जो हमें उस ऊंचाई पर बना के रखते हैं.. इन धागों के बिना हम एक बा...

*माँ बाप एकाकी जीवन जीरहे हैं और बेटा सफलता और दौलतकी चकाचौंध में खो कर सब कुछ भूल चुका है ।*

पापा पापा मुझे चोट लग गई खून आ रहा है 5 साल के बच्चे के मुँह से सुनना था कि पापा सब कुछ छोड़ छाड़  कर गोदी में उठाकर एक किलो मीटर की दूरी पर क्लिनिक तक भाग भाग कर ही पहुँच गए दुकान कैश काउंटर सब नौकर के भरोसे छोड़ आये सीधा  डाक्टर के केबिन में दाखिल होते हुए  डॉक्टर को बोले देखिये देखिये डॉक्टर मेरे बेटे को क्या हो गया डॉक्टर साहब ने देखते हुए कहा अरे भाई साहब घबराने की कोई बात है मामूली चोट है.... ड्रेसिंग कर दी है ठीक हो जायेगी। डॉक्टर साहब कुछ पेन किलर लिख देते दर्द कम हो जाता ।  अच्छी से अच्छी दवाईया लिख देते ताकि जल्दी ठीक हो जाये घाव भर जाये *डाक्टर* अरे भाई साहब क्यों इतने चिंतित हो रहे हो कुछ नहीं हुआ है 3-4दिन में ठीक हो जायेगा पर डॉक्टर साहब  इसको रात को नींद तो आजायेगी ना । *डॉक्टर* अरे हाँ भाई हाँ निश्चित  रहो ।  बच्चे को लेकर लौटे तो नौकर बोला सेठ जी  आपका ब्रांडेड  महंगा शर्ट खराब हो गया खून लग गया अब ये दाग नही निकलेंगे *भाई साहब* कोई नहीं ऐसे शर्ट बहुत आएंगे जायेंगे मेरे बेटे का खून बह गया वो चिंता खाये जा रही है कमजोर नहीं ...

*आप मेरे पिता को कब से जानते हैं ?*

एक बेटा अपने बूढ़े पिता को वृद्धाश्रम एवं अनाथालय में छोड़कर वापस लौट रहा था; उसकी पत्नी ने उसे यह सुनिश्चत करने के लिए फोन किया कि पिता त्योहार वगैरह की छुट्टी में भी वहीं रहें! घर ना चले आया करें ! बेटा पलट के गया तो पाया कि उसके पिता वृद्धाश्रम के प्रमुख के साथ ऐसे घलमिल कर बात कर रहे हैं जैसे बहुत पुराने और प्रगाढ़ सम्बंध हों…तभी उसके पिता अपने कमरे की व्यवस्था देखने के लिए वहाँ से चले गए..अपनी उत्सुकता शांत करने के लिए बेटे ने अनाथालय प्रमुख से पूँछ ही लिया…“आप मेरे पिता को कब से जानते हैं ? ”मुस्कुराते हुए वृद्ध ने जवाब दिया…“पिछले तीस साल से…जब वो हमारे पास एक अनाथ बच्चे को गोद लेने आए थे! ”

*अंगूठी चोरी हो गई* - आधी रोटी का कर्ज..

अंगूठी चोरी हो गई पत्नी बार बार मां पर इल्जाम लगाए जा रही थी...... और पति बार बार उसको अपनी हद में रहने की कह रहा था लेकिन पत्नी चुप होने का नाम ही नही ले रही थी व् जोर जोर से चीख चीखकर कह रही थी कि "उसने अंगूठी टेबल पर ही रखी थी और तुम्हारेऔर मेरे अलावा इस कमरें मे कोई नही आया अंगूठी हो ना हो मां जी ने ही उठाई है। ।बात जब पति की बर्दाश्त के बाहर हो गई तो उसने पत्नी के गाल पर एक जोरदार तमाचा देमारा अभी तीन महीने पहले ही तो शादी हुई थी । पत्नी से तमाचा सहन नही हुआ वह घर छोड़कर जाने लगी और जाते जाते पति से एक सवाल पूछा कि तुमको अपनी मां पर इतना विश्वास क्यूं है..?? तब पति ने जो जवाब दिया उस जवाब को सुनकर दरवाजे के पीछे खड़ी मां ने सुना तो उसका मन भर आया पति ने पत्नी को बताया कि "जब वह छोटा था तब उसके पिताजी गुजर गए . मां मोहल्ले के घरों मे झाडू पोछा लगाकर जो कमा पाती थी उससे एक वक्त का खाना आता था मां एक थाली में मुझे परोसा देती थी और खाली डिब्बे को ढककर रख देती थी और कहती थी मेरी रोटियां इस डिब्बे में है बेटा तू खा ले मैं भी हमेशा आधी रोटी खाकर कह देता था कि मां मेरा पेट भर गय...

*संगठन...समाज* और *परिवार* से अलग होने पर हमारी कीमत......आधे से भी कम रह जाती है।

*आज एक नई सीख़ मिली* जब अँगूर खरीदने बाजार गया । पूछा *"क्या भाव है?* बोला : *"80 रूपये किलो ।"* पास ही कुछ अलग-अलग टूटे हुए अंगूरों के दाने पडे थे । मैंने पूछा: *"क्या भाव है" इनका ?"* वो बोला : *"30 रूपये किलो"* मैंने पूछा : "इतना कम दाम क्यों..? वो बोला : "साहब, हैं तो ये भी बहुत बढीया..!! लेकिन ... *अपने गुच्छे से टूट गए हैं ।"* मैं समझ गया कि ... *संगठन...समाज* और *परिवार* से अलग होने पर हमारी कीमत......आधे से भी कम रह जाती है। कृपया अपने *परिवार*संगठन*  एवम्* *मित्रो*से हमेशा जुड़े रहे ||

दिल से मुस्कुराने के लिए जीवन में पुल की जरुरत होतीं हैं

छोटी-छोटी बातों पर अपनों से न रूठें। . दो भाई साथ-साथ खेती करते थे। मशीनों की भागीदारी और चीजों का व्यवसाय किया करते थे। चालीस साल के साथ के बाद एक छोटी-सी ग़लतफहमी की वजह से उनमें पहली बार झगडा हो गया था, झगडा दुश्मनी में बदल गया था। एक सुबह एक बढई बड़े भाई से काम मांगने आया। बड़े भाई ने कहा “हाँ ,मेरे पास तुम्हारे लिए काम हैं। उस तरफ देखो, वो मेरा पडोसी हैं, यूँ तो वो मेरा भाई हैं, पिछले हफ्ते तक हमारे खेतों के बीच घास का मैदान हुआ करता था। परंतु मेरा भाई बुलडोजर ले आया और अब हमारें खेतों के बीच ये खाई खोद दी, जरुर उसने मुझे परेशान करने के लिए ये सब किया हैं। अब मुझे उसे मजा चखाना हैं, तुम खेत के चारों तरफ़ बाड़ बना दो, ताकि मुझे उसकी शक्ल भी ना देखनी पड़े।" “ठीक हैं”, बढई ने कहा। बड़े भाई ने बढई को सारा सामान लाकर दे दिया और खुद शहर चला गया, शाम को लौटा तो बढई का काम देखकर भौंचक्का रह गया, बाड़ की जगह वहा एक पुल था, जो खाई को एक तरफ़ से दूसरी तरफ़ जोड़ता था। इससे पहले की बढई कुछ कहता, उसका छोटा भाई आ गया। छोटा भाई बोला, “तुम कितने दरियादिल हो, मेरे इतने भला बुरा कहने के बाद भी त...

जीवन सिर्फ एक पल है ...इसे जियो....इसे प्रेम करो...इसका आनंद लो.

एक बार एक आदमी मर जाता है... **जब उसे इसका एहसास होता है तो वो देखता है की भगवान हाथ में एक सूटकेस लिए उसकी तरफ आ रहें हैं। **भगवान और उस मृत व्यक्ति के बीच वार्तालाप ..... **भगवान: चलो बच्चे वापिस जाने का समय हो चुका है। **मृत व्यक्ति: इतनी जल्दी ? मेरी तो अभी बहुत सारी योजनाये बाकी थी। **भगवान्: मुझे अफ़सोस है लेकिन अब वापिस जाने का समय हो चुका है । **मृतव्यक्ति: आपके पास उस सूटकेस में क्या है ? **भगवान् : तुम्हारा सामान । **मृतव्यक्ति: मेरा सामान ? आपका मतलब मेरी वस्तुएँ.. ..मेरे कपड़े....मेरा धन..? **भगवान्: वो चीजें कभी भी तुम्हारी नहीं थी बल्कि इस पृथ्वी लोक की थी । **मृत व्यक्ति: तो क्या इसमें मेरी यादें हैं ? **भगवान्: नहीं ! उनका सम्बन्ध तो समय से था । **मृत व्यक्ति: क्या इसमें मेरी योग्यताएं हैं ? **भगवान् : नहीं ! उनका सम्बन्ध तो  परिस्थितियों से था। **मृत व्यक्ति: तब क्या मेरे दोस्त और मेरा परिवार ? **भगवान्: नहीं प्यारे बच्चे ! उनका सम्बन्ध तो उस रास्ते से था जिस पर तुमने अपनी यात्रा की थी । **मृतव्यक्ति: तो क्या ये मेरे बच्चे और पत्नी हैं ? **भगवान्: नहीं ! उनका सम्बन्ध...

देखते ही देखते जवान माँ-बाप बूढ़े हो जाते हैं

"देखते ही देखते जवान माँ-बाप बूढ़े हो जाते हैं" ***** देखते ही देखते जवान माँ-बाप बूढ़े हो जाते हैं.. सुबह की सैर में कभी चक्कर खा जाते है .. सारे मौहल्ले को पता है...पर हमसे छुपाते है दिन प्रतिदिन अपनी खुराक घटाते हैं और तबियत ठीक होने की बात फ़ोन पे बताते है. ढीली हो गए कपड़ों को टाइट करवाते है, देखते ही देखते जवान माँ-बाप बूढ़े हो जाते हैं.. किसी के देहांत की खबर सुन कर घबराते है, और अपने परहेजों की संख्या बढ़ाते है, हमारे मोटापे पे हिदायतों के ढेर लगाते है, "रोज की वर्जिश"के फायदे गिनाते है. ‘तंदुरुस्ती हज़ार नियामत "हर दफे बताते है,  देखते ही देखते जवान माँ-बाप बूढ़े हो जाते हैं.. हर साल बड़े शौक से अपने बैंक जाते है,  अपने जिन्दा होने का सबूत देकर हर्षाते है, जरा सी बढी पेंशन पर फूले नहीं समाते है,  और FIXED DEPOSIT रिन्ऊ करते जाते है, खुद के लिए नहीं हमारे लिए ही बचाते है. देखते ही देखते जवान माँ-बाप बूढ़े हो जाते हैं.. चीज़ें रख के अब अक्सर भूल जाते है,  फिर उन्हें ढूँढने में सारा घर सर पे उठाते है, और एक दूसरे को बात बात में हड़काते है, पर एक दूजे से अलग भी नहीं...

औरते भी बड़ी ;बेवक़ूफ़ होती हो, बिना वजह रोना शुरू करदेती हो। एक बार जरूर पढे.

वो रोज़ाना की तरह आज फिर इश्वर का नाम लेकर उठी थी । किचन में आई और चूल्हे पर चाय का पानी चढ़ाया। फिर बच्चों को नींद से जगाया ताकि वे स्कूल के लिए तैयार हो सकें । कुछ ही पलों मे वो अपने  सास ससुर को चाय देकर आयी फिर बच्चों का नाश्ता तैयार किया और इस बीच उसने बच्चों को ड्रेस भी पहनाई। फिर बच्चों को नाश्ता कराया। पति के लिए दोपहर का टिफीन बनाना भी जरूरी था।     इस बीच स्कूल का रिक्शा आ गया और  वो बच्चों को रिक्शा तक छोड़ने चली गई । वापस आकर पति का टिफीन बनाया और फिर  मेज़ से जूठे बर्तन इकठ्ठा किये । इस बीच पतिदेव की आवाज़ आई की मेरे कपङे निकाल दो ।  उनको ऑफिस जाने लिए कपङे निकाल कर दिए। अभी पति के लिए उनकी पसंद का नाश्ता तैयार करके टेबिल पर लगाया ही था की छोटी ननद आई और ये कहकर ये कहकर गई की भाभी आज मुझे भी कॉलेज जल्दी जाना, मेरा भी नाश्ता लगा देना। तभी देवर की भी आवाज़ आई की भाभी नाश्ता तैयार हो गया क्या? अभी लीजिये नाश्ता तैयार है। पति और देवर ने नाश्ता किया और अखबार पढ़कर अपने अपने ऑफिस के लिए निकल चले । उसने मेज़ से खाली बर्तन समेटे और सास ससुर के लिए ...